Constitution Encyclopedia · Part III · Fundamental Rights
Article 21
प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
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मूल पाठ (Bare Act)
प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं।
आसान व्याख्या
संविधान का हृदय। प्राण और स्वतंत्रता केवल निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित विधिक प्रक्रिया से ही छीने जा सकते हैं। न्यायालयों ने इसमें निजता, गरिमा, स्वच्छ पर्यावरण, स्वास्थ्य और आजीविका के अधिकार पढ़े हैं।
Landmark Cases
Landmark Judgments
Maneka Gandhi v. Union of India (1978) 1 SCC 248
"Procedure established by law" must be fair, just and reasonable — not arbitrary.
K. S. Puttaswamy v. Union of India (2017) 10 SCC 1
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